लखनऊ। केजीएमयू नर्सिंग अधिकारी भर्ती मामले की जांच के लिए एसटीएफ की टीम शनिवार को फिर संस्थान पहुंची। टीम ने कुलसचिव कार्यालय में करीब एक घंटे तक जांच की। जाते समय टीम भर्ती से जुड़े दस्तावेज भी साथ ले गई।
इस भर्ती को लेकर विधायक राकेश प्रताप सिंह, निवर्तमान विधायक रवि और एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि 1,276 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था। चयन प्रक्रिया के बीच में नियमों के विपरीत बदलाव किया गया। परीक्षा को ओएमआर आधारित मैनुअल प्रणाली से कराया गया। यह भी आरोप है कि उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की अनदेखी कर राजस्थान के लोगों का चयन किया गया। शासन ने इन शिकायतों की जांच के आदेश दिए हैं।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे एसटीएफ की टीम कुलसचिव कार्यालय पहुंची। टीम वहां से भर्ती से जुड़े जरूरी दस्तावेज की छायाप्रति लेकर गई। मामले की जानकारी के लिए कुलसचिव अर्चना गहरवार को कई बार फोन किया गया, मगर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि नर्सिंग भर्ती मामले की जांच केजीएमयू सहित लोहिया और अन्य संस्थानों की चल रही है। इसी क्रम में टीम दस्तावेज लेने आई होगी।