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Lucknow News: अवध के आंगन में उतरी पर्वतीय संस्कृति की बहार

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अवध के आंगन में उतरी पर्वतीय संस्कृति की बहार
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लखनऊ। पारंपरिक झोड़ा और छोलिया नृत्य पर प्रस्तुति देते कलाकार, लोकगीतों पर झूमते पर्वतीय समाज के लोग। स्टॉलों पर सजे उत्तराखंड के स्वदेशी उत्पाद और खानपान से लेकर हस्तशिल्प उत्पादों का मेला। हजारों लोगों के हुजूम के बीच पर्वतीय संस्कृति, कला और परंपराओं में सराबोर उत्तराखंड महोत्सव का शुभारंभ रविवार शाम किया गया। दस दिवसीय इस महोत्सव का शुभारंभ बीरबल साहनी मार्ग पर स्थित पंडित गोविंद वल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
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सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत वंदना से हुई। इसके बाद उत्तराखंडी परिधानों और आभूषणों से सजी-संवरी 250 महिलाओं के झोड़ा नृत्य के 30 दलों ने परंपरागत वेशभूषा में ढाल, तलवार, मशकबीन, तुरही के साथ प्रस्तुति दी। उधांचल कला केंद्र अल्मोड़ा के छोलिया दल और कुमाऊं रेजीमेंट के बैंड ने गोमती किनारे सुरमई शुरुआत कर अवध की शाम को पर्वतीय रंग में रंग दिया। 7 कुमाऊं रेजीमेंट की टीम ने नायब सूबेदार पूरन सिंह के नेतृत्व में शानदार प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया।

मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने पर्वतीय समाज को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड महापरिषद का यह आयोजन अवध को पर्वतीय संस्कृति से सराबोर कर देता है। पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में विशिष्ट अतिथि महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और मेजर रोहित जोशी आदि मौजूद रहे। उत्तराखंड महापरिषद के संयोजक दीवान सिंह अधिकारी, अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत, महासचिव भरत सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगल सिंह रावत, महेश चंद्र सिंह रौतेला ने सभी अतिथियों का प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया।
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डॉ. मंजूबाला को दिया गया उत्तराखंड गौरव सम्मान
राष्ट्रपति सम्मान से नवाजी जा चुकीं उत्तराखंड की शिक्षिका डॉ. मंजूबाला को मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया। उन्हें स्मृति चिह्न, शॉल व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। डॉ. मंजूबाला को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिभाषा तकनीक से शिक्षा को सरल बनाने के लिए सम्मानित किया था।

आज के आयोजन

दोपहर 2 से 5 बजे तक : उत्तराखंड के संस्कृति विभाग के सहयोग से उधांचल कला केंद्र की ओर से छोलिया नृत्य की प्रस्तुति, अल्मोड़ा संस्कार से सनातन प्रमोद चंद्र तिवारी के नेतृत्व में अभिव्यक्ति मातृ पूजन, श्रेयासी पांडेय का नृत्य एवं सुमित सिंह का सूफी कथक। पहाड़ी मिक्स नृत्य की दिव्याशी व रुद्रांशी भट्ट की ओर से। तृप्ति गुप्ता और राधा साहू के नेतृत्व में नृत्य।

शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक : उत्तराखंड जन कल्याण समिति, विकास नगर की ओर से देवकी बोरा के नेतृत्व में सामान्य झोड़ा। हंसा नृत्य नाट्य कला विकास सोसाइटी, देहरादून की ओर से इंदु भट्ट ममगई के नेतृत्व में घसियारी व छपेली नृत्य की प्रस्तुति। झोड़ा प्रतियोगिता में पांच दलों की प्रस्तुति। सुरेंद्र राजेश्वरी के संचालन में वॉयस ऑफ उत्तराखंड में गायकों की ओर से छपेली की प्रस्तुति। नाचेगा भारत कार्यक्रम में तीन दलों की प्रस्तुति। डांस उत्तराखंड डांस, सीजन-4 में 4 दलों की प्रस्तुति।

अवध के आंगन में उतरी पर्वतीय संस्कृति की बहार

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