लखनऊ। प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। माइनस बैलेंस के कारण कटी बिजली अब बिल जमा होते ही उसी फुर्ती से चालू हो जाएगी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि इंटेली स्मार्ट कंपनी के साथ-साथ अब कलेक्शन इकाई के अधिशासी अभियंता (बड़े साहब) को भी कनेक्शन जोड़ने का ऑनलाइन अधिकार दिया जाए।
मुख्य अभियंताओं के अनुसार, अब तक कनेक्शन जोड़ने का पूरा नियंत्रण इंटेली स्मार्ट कंपनी के पास था, जिससे बिल जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को दो-दो दिन तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत, यदि काउंटर पर बिल जमा करने के 10 से 30 मिनट के भीतर बिजली चालू नहीं होती, तो अधिशासी अभियंता अपने स्तर से तत्काल कनेक्शन चालू कर सकेंगे।
कार्यालयों में तैनात होंगे कंपनी के कर्मचारी
उपभोक्ताओं की भागदौड़ कम करने के लिए कलेक्शन कार्यालयों में इंटेली स्मार्ट कंपनी के कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी। ये कर्मचारी अधिशासी अभियंता के समन्वय के साथ काम करेंगे, ताकि तकनीकी खराबी आने पर उसे तुरंत ठीक कर बिजली बहाल कर सकें।
कचहरी नहीं बनेंगे बिजली दफ्तर
प्रीपेड मीटर का बैलेंस खत्म होते ही बिजली कटने से दफ्तरों में उपभोक्ताओं की भीड़ जमा हो जाती है, जिससे दफ्तर ''कचहरी'' जैसे नजर आने लगते हैं। इससे अधिकारियों को अपना रूटीन काम करने में भी दिक्कत होती थी। अब कनेक्शन जोड़ने का अधिकार मिलने से दफ्तरों में भीड़ कम होगी।
स्मार्ट व प्रीपेड मीटर का आंकड़ा
जोन
- स्मार्ट मीटर-
प्रीपेड मीटर
अमौसी - 97,309
- 74,847
लखनऊ मध्य
- 79,164
- 64,740
जानकीपुरम - 48,790
- 41,199
गोमतीनगर
- 41,753
- 33,072