लखनऊ। तेलीबाग स्थित निजी अस्पताल सील होने के बाद भी अवैध रूप से संचालित हो रहा था। यह अस्पताल पुराने पंजीकरण पर आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी ले रहा था। शिकायत मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अस्पताल को आयुष्मान योजना से हटाने की संस्तुति की है।
शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा ने 14 अगस्त को इसकी शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि अस्पताल अफसरों की सांठगांठ से चल रहा है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अयोध्या प्रसाद मिश्र ने 17 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अस्पताल सील पाया गया, लेकिन संचालन जारी था। जांच में तीन प्रमुख अनियमितताएं सामने आईं।
अस्पताल का पंजीकरण प्रमाणपत्र एक सितंबर 2025 को ही निरस्त हो चुका था। अस्पताल ने 13 मई 2026 को नए पते पर नया पंजीकरण कराया था लेकिन इसकी सूचना सात सितंबर तक विभाग को नहीं दी। आठ सितंबर को एचईएम 2.0 पोर्टल पर पुराना पता और निरस्त पंजीकरण संख्या ही प्रदर्शित हो रही थी। अस्पताल ने अपना बदला हुआ पता और नया पंजीकरण संख्या पोर्टल पर अपडेट नहीं किया था।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि जांच में आरोप सही मिलने पर आयुष्मान योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर अस्पताल को योजना से हटाने की संस्तुति की है। आयुष्मान योजना में किए गए सभी क्लेम को भी रोकने की संस्तुति की है।