लखनऊ। यौमे ख्वातीन-ए-कर्बला में बुधवार को कर्बला के मैदान में हुसैनी खेमे की महिलाओं की कुर्बानी को याद किया गया। कर्बला में शहीद हुए 24 बच्चों और जनाबे सकीना का ताबूत, हजरत अली असगर का झूला, ऊंटों पर अमारियां, जुलजनाह की जियारत कराई गई।
इमामबाड़ा गुफरानमआब की मजलिस में मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि कर्बला के मैदान में कुर्बानियां देने वाली महिलाओं की सरदार जनाबे जैनब हैं। मजलिस के बाद कर्बला का मंजर पेश किया गया। हुसैनाबाद स्थित छोटा इमामबाड़ा पांच दिवसीय मजलिसों का आगाज हुआ। मौलाना मोहम्मद मियां आब्दी ने कहा कि इमाम हुसैन ने हक के लिए खुद को व खानदान को कुर्बान कर दिया, लेकिन जुल्म की तरफदारी नहीं होने दी।