लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुरातत्व निदेशालय के पुरातात्विक सर्वेक्षण में 150 साल पहले की ग्रामीण सभ्यता की पहचान सामने आएगी। सर्वेक्षण में पहली बार रिमोट तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा सेटेलाइट के जरिये सर्वे स्थल का मानचित्र तैयार किया जाएगा। निदेशालय की तरफ से जनवरी में पांच जिलों में ग्राम स्तरीय पुरातात्विक सर्वेक्षण की शुरुआत की जाएगी।
निदेशालय के अनुसार, जिन क्षेत्रों का सर्वे किया जाना है, वहां अलग-अलग शासन काल के छोटे-छोटे स्मारक भी हैं। सर्वेक्षण के बाद उन स्मारकों को संरक्षित किया जाएगा। राज्य पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि पुरातात्विक सर्वेक्षण की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षण के लिए शासन से अनुमति भी मिल गई है।
यहां होगी सर्वेक्षण की शुरुआत
गोंडा जिले के बेलसर में ग्राम स्तरीय पुरातात्विक सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके अलावा कौशांबी के सदर तहसील में, जौनपुर के शाहगंज तहसील में, हमीरपुर के मौदहा तहसील में और मैनपुरी के कुरावली में भी सर्वेक्षण किया जाएगा।