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Lucknow News: रेजीडेंसी में फिर गूंजने लगा, हमने आजादी की कीमत चुकाई थी...

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रेजीडेंसी में लाइट एंड साउंड शो
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लखनऊ। हमने आजादी की कीमत चुकाई थी... जब यह डायलॉग रेजीडेंसी की पुरानी और खंडहरनुमा इमारतों के बीच गूंजता है तो दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये इमारतें इन दिनों लखनऊ के नवाबी दौर और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम समेत अन्य ऐतिहासिक घटनाक्रमों की साक्षी बन रही हैं। दरअसल, 2022 में यहां शुरू किए गए 45 मिनट के विशेष शो की एक बार फिर से वापसी हो गई है।
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लखनऊ की संस्कृति, यहां के खानपान और रिवायत को दर्शाने वाले इस शो को फिर से शुरू किया गया है। इसे दास्तानगो हिमांशु बाजपेई ने लिखा था जिसे 360 डिग्री दृश्य के साथ बेहतरीन तरीके से सजाया गया है जिसमें शानदार संगीत और वाइसओवर के जरिये लखनवी की भव्यता को दर्शाया गया है। प्रदेश के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कल्याण सिंह ने बताया कि यह शो 2022 में शुरू किया गया था लेकिन किन्हीं कारणों से इसे कुछ समय तक बंद रखा गया। अब दीपावली से इस शो की फिर से शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के आदेशानुसार कुछ समय के लिए इस शो के लिए प्रवेश को निशुल्क किया गया है।
शो के पटकथा लेखक मशहूर दास्तानगो हिमांशु बाजपेई ने बताया कि कई साल पहले उन्होंने इसे लिखा था। शो की शुरुआत नवाब आसफउद्दौला के शासनकाल से होती है जब उन्होंने अवध की राजधानी को फैजाबाद से लखनऊ स्थानांतरित किया था। इमामबाड़ा के निर्माण के साथ ही यहां कि रिवायत, गंगा-जमुनी संस्कृति, पहनावे, खानपान, रहन-सहन को दिखाया गया है। 1857 की अहम जंग में रेजीडेंसी के दृश्य दर्शकों को भावुक कर देते हैं। इस शो की विशेषता है इसका थ्रीडी प्रोजेक्शन, लेजर इफेक्ट्स और सिनेमैटिक साउंड डिजाइन जो इसे खास बनाता है। शो में अभिनेता और दास्तानगो दानिश हुसैन ने अपनी आवाज दी है तो वहीं बैकग्राउंड म्यूजिक राधिका चोपड़ा, वृद्धि शर्मा और अनिरबन भट्ट का है। शो की शुरुआत शाम छह बजे से रेजीडेंसी में की जाती है।

रेजीडेंसी में लाइट एंड साउंड शो

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