लखनऊ। तस्वीरें पूरी कहानी बयां करती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा चित्रकला शिविर में देखने को मिला जहां लखनऊ के चित्रकार मोहन मावा ने महर्षि वाल्मीकि की जीवन यात्रा को कैनवास पर उकेरा।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर राज्य ललित कला अकादमी की ओर से कैसरबाग स्थित लाल बारादरी में दो दिवसीय चित्रकला शिविर आयोजित किया गया। पहले दिन प्रदेश के 10 कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों के जरिये महर्षि वाल्मीकि के जीवन और रामायण के विभिन्न प्रसंगों को उकेरा।
कलाकार विनीत कुमार पांडेय ने कांच पक्षी की घटना से उपजी करुणा, मनोज कुमार गोंड ने रामायण की रचना करते महर्षि वाल्मीकि और मैनाज बानो ने राम, लक्ष्मण व सीता से जुड़े प्रसंगों को चित्रित किया। फौजदार कुमार, अश्वनी कुमार प्रजापति, नेहा कुमारी, मनोज कुमार हंसराज और सिद्धार्थ देव ने भी रामायण के विविध प्रसंग उकेरे। मंगलवार को कलाकार अपनी कलाकृतियों को अंतिम रूप देंगे। अकादमी की ओर से इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में रंगोली भी बनाई गई।
बोले कलाकार
-महर्षि वाल्मीकि के सद्भावना संदेश को कैनवास पर उकेरना चाहता हूं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को महापुरुषों के बारे में जानने का मौका मिलता है। -मोहन मावा, लखनऊ
-चित्रों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और समाज में उनके योगदान को दिखाने का प्रयास कर रहा हूं। -विनोद सिंह, सीतापुर
-ऐसे आयोजनों से कलाकारों को प्रेरणा मिलती है और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है। आजाद कपूर, वाराणसी
कैसरबाग स्थित राज्य ललित कला अकादमी में आयोजित चित्रकला शिविर में महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आ
कैसरबाग स्थित राज्य ललित कला अकादमी में आयोजित चित्रकला शिविर में महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आ
कैसरबाग स्थित राज्य ललित कला अकादमी में आयोजित चित्रकला शिविर में महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आ