ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि मुख्य मंदिर पर 190 फीट की ऊंचाई पर ध्वज फहराया जाएगा। इसके अलावा अन्य उप मंदिरों पर भी ध्वज फहराए जाएंगे। भगवान राम के ध्वज पर प्राचीन काल में कोई चिन्ह रहा होगा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ध्वज पीला या केसरिया रंग का हो, इस पर संतों और विद्वानों से राय ली जा रही है। ध्वज का आकार, ऊंचाई पर हवा की गति व उसके प्रभाव जैसे पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है।
कोविदार का पेड़ था अयोध्या का राजवृक्ष
जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य बताते हैं कि राम वनवास के दौरान जब चित्रकूट में श्रीराम विश्राम कर रहे थे, तभी शोर सुनकर लक्ष्मण से कहते हैं कि देखो कैसा शोर है। उत्तर से आ रही सेना के रथ पर लगे ध्वज को देख लक्ष्मण समझ गए कि सेना अयोध्या की है। वाल्मीकि रामायण के 96वें सर्ग के 18वें श्लोक में बताया गया है कि लक्ष्मण जी को सेना के ध्वज पर कोविदार वृक्ष दिखाई देता है, जिससे वह पहचान लेते हैं कि सेना अयोध्या की है। वही, श्लोक 21 में लक्ष्मण कहते हैं, भरत को आने दीजिए। हम उन्हें हरा कर ध्वज को अधीन कर लेंगे। इस श्लोक से पता चलता है कि उस समय अयोध्या का राजवृक्ष कोविदार का पेड़ था, जिसे ध्वज पर अंकित किया गया था।