लखनऊ। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली राशि की प्रक्रिया अब और भी जटिल कर दी गई है। अस्पताल पहले सीधे लाभार्थी के खाते में राशि भेजते थे। अब कई चरणों में मॉनीटरिंग के बाद भुगतान हो रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने में 10 दिन से अधिक का समय लग रहा है। इसके बाद ही राशि प्रसूता के खाते में पहुंच रही है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये का भुगतान किया जाता है। यह भुगतान प्रसव के 24 घंटे के भीतर हो जाना चाहिए, मगर अफसरों की लापरवाही से पांच-छह माह से भुगतान अटका हुआ था। क्वीनमेरी अस्पताल में बीते साल 2,104 प्रसव हुए थे। इसमें एक भी जननी का भुगतान केजीएमयू ने नहीं किया। यही स्थिति अन्य महिला अस्पतालों की भी रही।
अब नए सिरे से भुगतान की प्रक्रिया अस्पतालों ने शुरू की है। अब एनएचएम पहले अस्पतालों को भुगतान करेगा। अस्पताल सीएमओ को राशि भेजेंगे। सीएमओ के स्तर से राशि कोषागार में जाने के बाद प्रसूताओं के खाते में भेजी जाएगी। ऐसे में प्रसूताओं को भुगतान अब और भी देरी से मिलेगा। डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. ज्योति मेहरोत्रा के मुताबिक, भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। झलकारीबाई अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र ने बताया कि अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजने के बाद वहां से मॉनीटरिंग हो रही है। इसके बाद ही राशि प्रसूता के बैंक खाते में भेजी जा रही है।