लखनऊ। निराशा और मुश्किलें सभी की जिंदगी में हैं, लेकिन इन्हें हारकर आत्महत्या कर लेना, जीवन की समस्याओं का हल नहीं हो सकता। इसी संदेश को समेटे नाटक आत्महत्या का मंचन मंगलवार की शाम संगीत नाटक अकादमी के वाल्मीकि रंगशाला में किया गया। आस्था नाट्य रंगमंडल समिति व संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय नाट्य समारोह के तहत मंचित नाटक का निर्देशन निशा बेगम ने किया।
नाटक की कहानी का मुख्य पात्र चिरंजीवी सुविधा संपन्न है, लेकिन वह अकेलेपन से ऊबा हुआ है। इससे परेशान होकर चिरंजीवी आत्महत्या का निर्णय कर लेता है। कहानी आगे बढ़ती है और चिरंजीवी को सबक मिलता है कि परिस्थितियों से लड़ते हुए जीने का नाम ही जिंदगी है। चिरंजीवी की भूमिका में मोहित यादव और बिरजू की भूमिका में शोभित वर्मा थे। दीपा यादव, अर्पित श्रीवास्तव, सौरभ, मोसिन, तारिक आदि ने भी शानदार अभिनय किया। मंच पर प्रकाश सचिन कुमार शाह, पल्लवी जायसवाल की भूमिका रही।