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- ऑडियो-विजुअल माध्यम से समझाई गई बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा
लखनऊ। छोटी-छोटी बचत के जरिये बुढ़ापे को सुरक्षित बनाने का संदेश लेकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की पेंशन यात्रा सोमवार को अपने छठे पड़ाव पर लखनऊ पहुंची। अमर उजाला और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के संयुक्त सहयोग से चल रही यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न शहरों में 18 दिन के भ्रमण पर है और राजधानी में दो दिन तक ठहरेगी।
पेंशन यात्रा की शुरुआत सुबह मोहनलालगंज से हुई, जहां वैन के जरिये श्रमिकों, दुग्ध व्यवसायियों, किसानों, ई-रिक्शा चालकों और स्थानीय निवासियों को एनपीएस से जुड़ी जानकारी दी गई। ऑडियो-विजुअल माध्यम से लोगों को सरल भाषा में पेंशन योजना के फायदे समझाए गए।
दोपहर में वैन एसजीपीजीआई क्षेत्र पहुंची, जहां कर्मचारियों, रेहड़ी-पटरी व्यापारियों और महिलाओं ने योजना के बारे में जानकारी हासिल की। पीएफआरडीए की रिसोर्स पर्सन निहारिका गुप्ता ने स्मार्ट टीवी के जरिये एनपीएस कैलकुलेटर का प्रदर्शन किया और बताया कि 60 वर्ष की आयु पर संभावित पेंशन का आकलन कैसे किया जा सकता है।
इसके बाद वैन दुबग्गा सब्जी मंडी और मलिहाबाद पहुंची, जहां किसानों, फल-सब्जी विक्रेताओं और दैनिक मजदूरों को एनपीएस के महत्व से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने जुड़ने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान पूछे गए सवालों के सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया।