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UP News : अफसर सोते रहे और रिटायर्ड जेई साल भर करता रहा नौकरी, छल-प्रपंच से सरकार को लाखों का नुकसान

Wed, 22 Jun 2022 04:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मामला खुलने के बाद प्रयागराज क्षेत्र के तत्कालीन मुख्य अभियंता व संबंधित जेई की पेंशन में कटौती। पावर कार्पोरेशन ने एक एसई, एक एक्सईएन व कार्यालय सहायक के खिलाफ भी की कार्रवाई।
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demo pic... - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रयागराज में विद्युत वितरण खंड द्वितीय में तैनात एक अवर अभियंता सैयद अली अहमद जैदी सेवानिवृत्ति तिथि के बाद एक साल तक सेवा में बने रहे। जेई को वेतन का भुगतान किया जाता रहा। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं हुई। जेई के एक साल ज्यादा काम करके रिटायर होने के बाद इसका खुलासा हुआ तो जांच बैठाई गई। जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद प्रयागराज क्षेत्र के तत्कालीन मुख्य अभियंता (वितरण) ओम प्रकाश यादव की पेंशन से तीन प्रतिशत कटौती तथा संबंधित जेई जैदी की पेंशन में 100 प्रतिशत कटौती के आदेश जारी किए गए हैं। 

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इसके अलावा अधीक्षण अभियंता आनंद पांडेय के खिलाफ परिनिंदा प्रविष्टि के साथ एक वेतन वृद्धि रोकने, अधिशासी अभियंता राम सेवक राम के  खिलाफ परिनिंदा प्रविष्टि के साथ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा मुख्य कार्यालय सहायक शाहीन बदर के  खिलाफ परिनिंदा प्रविष्टि के साथ प्रारंभिक मूल वेतन पर अवनति (डिमोशन) की कार्रवाई की गई है।

पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने मंगलवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिए। जेई के रिटायरमेंट की तिथि से एक साल ज्यादा सेवारत रहने के  मामले का खुलासा होने के बाद पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने 19 फरवरी 2021 को जांच समिति को इसकी विस्तृत जांच सौंपी थी। जांच समिति ने 5 अक्तूबर 2021 को अपनी जांच रिपोर्ट पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को सौंप दी। 
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जांच में पता चला कि जैदी की सेवानिवृत्ति तिथि 30 जून 2018 को निर्धारित थी। इसके बजाय वह 30 जून 2019 को सेवानिवृत्त हुए। जांच समिति के अनुसार जैदी का दायित्व था कि वे अपनी सेवानिवृत्ति तिथि को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाते और निर्धारित तिथि को सेवानिवृत्त हो जाते लेकिन उन्होंने कपटपूर्ण तरीके से एक वर्ष का अतिरिक्त सेवा लाभ प्राप्त किया।

एक वर्ष के अतिरिक्त सेवा लाभ के तौर पर उन्होंने 10,97,292 रुपये  का भुगतान भी प्राप्त किया। इस प्रकार जैदी ने न केवल कार्पोरेशन के साथ छल किया बल्कि अपने षडयंत्रकारी कृत्य से विभाग को 10.97 लाख रुपये की आर्थिक क्षति भी पहुंचाई। दिलचस्प बात यह है कि जैदी के एक साल का अतिरिक्त सेवा लाभ प्राप्त करने की जानकारी अधिकारियों को 9 अगस्त 2019 को हुई। इसकेबाद इस मामले में लिखा-पढ़ी शुरू की गई।

जांच समिति ने जेई के साथ-साथ इस मामले में तत्कालीन मुख्य अभियंता ओम प्रकाश यादव, अधीक्षण अभियंता आनंद पांडेय, अधिशासी अभियंता राम सेवक राम तथा मुख्य कार्यालय सहायक शाहीन बदर को विभागीय आदेशों की अवहेलना, कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने तथा विभागीय प्रक्रिया की अवहेलना किए जाने की अनियमितता का दोषी मानते हुए इनके खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की थी। मुख्य अभियंता ओम प्रकाश यादव सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस मामले में एक और अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा की भी जांच की गई लेकिन आरोपों की पुष्टि न होने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया है।

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