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Lucknow News: टूट गई नगर निगम की नींद, अब दो शिफ्ट में उठेगा कूड़ा

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सफाई व्यवस्था पर बैठक करतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ। निजी कंपनियों की अनदेखी से शहर में सफाई व्यवस्था एक सप्ताह से बेपटरी है। बहुत से घरों से कूड़ा न उठने के कारण अब लोग सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर हैं। बुधवार को शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे कूड़े के ढेर नजर आए। मंगलवार की बारिश के बाद कूड़ा बजबजाया तो दुर्गंध से नगर निगम की नींद टूटी।



बुधवार को आनन-फानन में महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सफाई व्यवस्था में लगीं निजी कंपनियों के साथ विशेष बैठक की। महापौर ने कंपनी प्रतिनिधियों से कहा कि जब तक कर्मचारी असम चुनाव से लौटकर नहीं आते, मौजूदा कर्मचारियों से ही डबल शिफ्ट में काम कराएं। जहां तक हो सके और वैकल्पिक कर्मचारी बढ़ाएं। अपर नगर आयुक्तों काे भी सुबह छह बजे ही फील्ड में जाकर सफाई कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई।
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दरअसल, रामकी और लॉयन एनवायरो कंपनी के करीब 200 कर्मचारी असम के रहने वाले हैं। वहां बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव है जिसमें वोट डालने के लिए ये कर्मचारी एक सप्ताह पहले ही अपने घर चले गए हैं। इससे शहर में घरों से कूड़ा उठान और सड़कों की सफाई की व्यवस्था पटरी से उतर हुई है। कर्मचारियों से इतर करीब 200 अन्य परिवार भी असम चुनाव के लिए गए हैं, जो निजी ताैर पर सफाई और कूड़ा एकत्र करने का काम करते हैं। इसी वजह से व्यवस्था बिगड़ती जा रही है।





नहीं चलेगा झूठ, देर हुई तो कटेगा वेतन



महापाैर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में रामकी और लाॅयन कंपनी के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि कूड़ा उठाने के लिए नियमित रूप से गाड़ियां मोहल्लों में जा रही हैं। इस पर महापौर नाराज हो गईं और कहा कि जब गाड़ियां जा रही हैं तो फिर कूड़ा भी उठना चाहिए। उन्होंने नगर निगम के जोनल सिनेटरी अधिकारियों और जोनल अधिकारियों को भी सुबह छह बजे फील्ड में जाने के निर्देश दिए और जीपीएस लोकेशन कंट्रोल रूम भेजने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यदि पांच मिनट से अधिक देर हुई तो एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
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काली सूची में डालने की चेतावनी

महापौर ने कहा यदि सफाई में सुधार नहीं हुआ और 30 अप्रैल तक काॅम्पैक्टर नहीं लगे तो संबंधित कार्यदायी संस्था को काली सूची में डाला जाएगा। जहां पर काॅम्पैक्टर बन गए हैं वहां पर कूड़ा खुले में न डाला जाए। कूड़ा उठाने वाली अवैध ठेलियों का संचालन बंद किया जाए और संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। फील्ड में जहां पर मलबा पड़ा मिले उसकी फोटो खींचकर जोनल अभियंता को उठवाने के लिए भेजी जाए।
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