लखनऊ। शराब कारोबारी मनीष जायसवाल के कर्मचारी हर्ष से दस लाख की लूट करने वाले बदमाश पूरी प्लॉनिंग से आए थे। घटना में इस्तेमाल की गई बदमाशों की दोनों बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। हर्ष के पहुंचने से 20 मिनट पहले ही लुटेरे घटनास्थल पर जमा हुए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार छानबीन में पता चला है कि लुटेरों को कोई हर्ष के मूवमेंट की जानकारी दे रहा था। यही वजह है कि बदमाश हर्ष के घटनास्थल पर पहुंचने से 20 मिनट पहले गली में एकत्र हुए। हर्ष जैसे ही बाइक से गली में मुड़े बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और पीठ पर मौजूद पिट्ठू बैग लूट ले गए। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को लुटेरों के भागने का रूट मिला है। लुटेरों की आखिरी फुटेज दुबग्गा रोड पर मिली है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है।
एसीपी महानगर अंकित कुमार ने बताया कि पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर काम कर रही है। वारदात को पूरी रेकी कर अंजाम दिया गया था। पुलिस अब उस शख्स का पता लगा रही है, जिसने कर्मचारी हर्ष की मुखबिरी की थी। इसके अलावा पुलिस पीड़ित कर्मचारी से भी बातचीत कर जानकारी जुट रही है कि उसने कारोबारी की किन-किन दुकानों से रुपये लिए थे और किसी रास्ते से वह घटनास्थल तक पहुंचा था।
यह है पूरी घटना
मदेयगंज थाने से 500 मीटर दूरी पर बुधवार रात दो बाइक सवार नकाबपोश बदमाश शराब कारोबारी खदरा निवासी मनीष जायसवाल के कर्मचारी हर्ष जायसवाल से असलहे के बल पर 10 लाख रुपये लूट ले गए। विरोध पर बदमाशों ने चाकू से वार किया था। इससे हर्ष की पीठ पर मामूली चोट लगी। हर्ष की तहरीर पर पुलिस ने लूट की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस की सात टीमों को बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।