बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) एकेडमिक काउंसिल ने यूजीसी के पीएचडी रेगुलेशन 2016 को स्वीकृत कर लिया है।
इसके अनुसार पीएचडी व एमफिल प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक (क्वालीफाइंग मार्क्स) अनिवार्य होंगे। इसके लिए एक वरिष्ठ शिक्षक की अध्यक्षता में गठित कमेटी प्रभावी नियम बनाएगी।
कुलपति प्रो. आरसी सोबती की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में कम अभ्यर्थियों वाले कोर्सों को चलाना है या नहीं इसका निर्धारण कोर्स समन्वयक व डीन खुद करें।
उनकी रिपोर्ट के आधार पर वीसी अंतिम निर्णय लेंगे। हालांकि सामान्य पीजी कोर्स (सेल्फ फाइनेंस को छोड़कर) के संचालन पर सभी सदस्य सहमत थे। उल्लेखनीय है कि विवि के कई कोर्सों में नाम मात्र के ही अभ्यर्थी प्रवेश के लिए आए हैं।
काउंसिल की बैठक में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) का नाम वही बनाए रखने का निर्णय हुआ। तय हुआ कि इसके समन्वयक की जगह डीन लेवल के डायरेक्टर होंगे। बता दें कि इसका नाम सीआईईटी करने से छात्र-छात्राओं में काफी संदेह की स्थिति थी।
विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि काउंसिल ने आरडी सोनकर फाउंडर समता समाज अवार्ड (मेडल) देने का निर्णय किया है। यह अंबेडकर स्टडीज स्कूल के टॉपर एससी-एसटी विद्यार्थी को दिए जाएगा।