लखनऊ। ठाकुरगंज के बालागंज निवासी दवा दुकानदार प्रकाश चंद्र जायसवाल (52) ने शनिवार को घर में फंदा लगा लिया। उनके भाई उमेश ने बताया कि दुकान में आग से लाखों का माल जलने फिर क्लेम में काफी कम रकम मिलने की बात से प्रकाश अवसाद में थे। इसी वजह से उन्होंने खुदकुशी कर ली।
उमेश ने बताया कि मकान में ही प्रकाश ने उमा मेडिकल स्टोर नाम से दुकान खोल रखी थी। 19 जनवरी को शॉर्ट सर्किट के चलते दुकान में आग लग गई थी। हादसे में करीब 16 लाख रुपये का माल जल गया था। इसके अलावा दुकान में कुछ पुराना सामान था, जिसके बिल नहीं मिल पा रहे थे।
उमेश के अनुसार शुक्रवार को प्रकाश निरालानगर बीमा कंपनी गए थे, वहां छह लाख का ही क्लेम मिलने की बात बताई गई थी। इसके बाद से वह अवसाद में आ गए थे। उनका मकान भी लोन पर था। कमाई का एकमात्र जरिया मेडिकल स्टोर ही था। आग के बाद कारोबार भी चौपट हो गया था। इसी से आहत होकर प्रकाश ने शनिवार दोपहर घर पर फंदा लगा लिया। पत्नी ऋचा ने उनको फंदे से लटका देखा तो शोर मचाया। परिजन उनको अस्पताल ले गए, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी के अलावा बेटा मंथन जुड़वा बेटियां डुग्गू व मिनी हैं।
युवती ने लगा लिया फंदा
लखनऊ। आलमबाग के श्रम विहार इलाके में रहने वाली अस्पताल कर्मचारी अंजली ठाकुर (22) ने रविवार दोपहर घर में लगे लोहे के एंगल में साड़ी के सहारे फंदा लगा लिया। इंस्पेक्टर कपिल गौतम ने बताया कि परिजन उन्हें रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। (संवाद)