निर्वाचन आयोग से लेकर प्रशासन व सामाजिक सरोकार से जुड़े संगठनों द्वारा मतदाता जागरूकता को संचालित कार्यक्रमों के बावजूद आधी आबादी उदासीन है।
इसके चलते ही जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों की वर्तमान में तैयार मतदाता सूचियों में पुरुष वोटर भारी हैं। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या का तय मानक की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।
सबसे खराब स्थिति सरोजनीनगर क्षेत्र की है, जहां पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या प्रति एक हजार पर मात्र 829 है।
दूसरे नंबर पर कैंट व तीसरे पर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसके इतर वोटर लिस्ट में सर्वाधिक महिला मतदाताओं में मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में टॉप पर है।
विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान किसी भी विधानसभा सीट में प्रति एक हजार पुरुष पर मानक के तहत 906 महिला मतदाताओं की संख्या का आंकड़ा नहीं मिला है।
इससे परेशान जिला प्रशासन ने अब पुनरीक्षित अभियान के बचे हुए समय में सभी विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने को विशेष प्रयास करने का फैसला किया है।
इसके तहत महिला मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने को बीएलओ स्तर पर अलग से डोर-टू-डोर निरीक्षण कर सत्यापन कार्य कराया जाएगा।
साथ ही आयोग द्वारा आयु सीमा ग्रुप के तहत वोटर लिस्ट में दर्ज होने वाले मतदाताओं की संख्या भी हर विधानसभा क्षेत्र में तय मानक से काफी पीछे हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के बचे हुए समय में अब इन दोनों ही बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर इसमें हर संभव स्तर पर अपेक्षित सुधार की कार्रवाई कराई जाएगी।
इसके लिए संचालित अभियान के दौरान हर वीआरसी पर नामित एआरओ की निगरानी में बीएलओ को ऐसे चिह्नित घरों में भेज कर महिला वोटरों के नाम का सत्यापन कराया जाएगा।
जहां आशंकित तौर पर महिला वोटर होने के बावजूद उनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज न होने की जानकारी मिलेगी। दूसरी ओर, मानक के इतर जिले में मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में यह आंकड़ा प्रति एक हजार पर 878 महिला वोटरों का है।
इसी तरह मध्य विधानसभा में प्रति एक हजार पुरुष मतदाताओं के इतर 874, पूर्व में 871, मलिहाबाद में 852, उत्तर में 848, बीकेटी में 847, पश्चिम में 846, कैंट में 837 और सरोजनीनगर में 829 महिला मतदाताओं के नाम ही वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।