लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के शताब्दी फेज-2 में शुक्रवार दोपहर चलती लिफ्ट अचानक खराब हो गई। इससे जूनियर डॉक्टर और कर्मचारी 10 मिनट तक अंदर फंसे रहे। लिफ्ट की लाइट और पंखा बंद हो जाने से लोगों का दम घुटने लगा। इस दौरान इमरजेंसी अलॉर्म ने भी काम नहीं किया। बाद में लिफ्ट ऑपरेटर ने किसी तरह इन्हें निकाला।
कर्मचारी और जूनियर डॉक्टर शुक्रवार दोपहर लिफ्ट से छठे तल पर जा रहे थे। तभी दूसरे तल पर लिफ्ट झटके के साथ अटक गई। कुछ ही पल में पंखा और लाइट भी गुल हो गई। अंधेरे और उमस के कारण लिफ्ट में फंसे लोग घबरा गए और मदद के लिए शोर मचाने लगे।
लोगों ने इमरजेंसी अलॉर्म का बटन दबाया, लेकिन वह निष्क्रिय निकला। लिफ्ट में टोलफ्री नंबर या ऑपरेटर का संपर्क सूत्र भी नहीं लिखा था। किसी तरह अधिकारियों तक सूचना पहुंची, जिसके बाद लिफ्ट ऑपरेटर ने मास्टर चाबी से गेट खोला और सभी को बाहर निकाला।
रखरखाव पर गंभीर सवाल
शताब्दी फेज-2 में आठ लिफ्ट हैं। इनमें से छह मरीज व तीमारदारों के लिए हैं, जबकि दो का इस्तेमाल डॉक्टर और कर्मचारी करते हैं। संस्थान का बिजली विभाग इनकी मरम्मत का जिम्मा संभालता है। आरोप है कि अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।