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Lucknow News: शान-ओ-शौकत से निकला जुलूस-ए-गौसिया

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शान-ओ-शौकत से निकला जुलूस-ए-गौसिया
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लखनऊ। ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर बृहस्पतिवार को सुन्नी समुदाय की ओर से जुलूस-ए-गौसिया निकाला गया। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के तत्वावधान में दरगाह हजरत मखदूम शाहमीना शाह से निकले जुलूस में शहर के विभिन्न इलाकों की अंजुमनों ने शिरकत की। मछली मोहाल, सदर, निशातगंज, खदरा, फैजुल्लागंज, नबीनगर, मड़ियाव, महिबुल्लापुर, बालागंज, राजाजीपुरम, खदरा आदि से अकीदतमंद झंडे-बैनर के साथ पहुंचे।
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दोपहर 1:30 बजे दरगाह शाहमीना शाह से जुलूस-ए-गौसिया रवाना हुआ। बड़ी संख्या में अकीदतमंद झंडे, बैनर, झांकियां और बग्घियां लेकर शामिल हुए। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन के सैयद अय्यूब अशरफ की अगुवाई में गौसे आजम की शान में नारे और तराने पढ़ते हुए जुलूस मेडिकल कॉलेज स्थित दरगाह हाजी उल हरमैन पहुंचा। यहां जश्न-ए-गौसुलवरा हुआ। कारी सरफुद्दीन ने कुरान की तिलावत की। सैयद बाबर अशरफ ने मुल्क में अमन चैन, तरक्की की दुआ सैयद मोहम्मद आरिफ अली ने कराई।
इस मौके पर मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली, सैयद अहमद मियां, शाकिर अली मिनाई. राशिद अली मिनाई, सैयद शिब्ली मियां, शेख एजाज अली मीनाई, मौलाना अफ्फान अतीक, डॉ. आफताब हाशमी, फाकिर अली मीनाई, कारी गुलाम सुब्हानी समेत मोहम्मदी मिशन के कई पदाधिकारी और अंजुमनों से जुड़े उलमा मौजूद रहे।
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जुलूस रोकने पर पुलिस से नोकझोंक, उलमा ने संभाली स्थिति

पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों को मेडिकल कॉलेज की ओर आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस पर पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हल्की नोकझोंक हुई। उलमा ने लोगों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में दाखिल होते समय झंडे लपेटकर रखने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसके बाद लोग दुआ के लिए दरगाह पहुंचे।

इसलिए मनाई जाती है ग्यारहवीं शरीफ
ग्यारहवीं शरीफ इस्लाम के महान संत हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी (गौस-ए-पाक) के विसाल की तारीख और उनकी महान सेवाओं व शिक्षाओं को याद करने के लिए मनाई जाती है। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग कुरआन की तिलावत, फातिहा और दुआ करते हैं। याद में जुलूस निकालते हैं। रबीउल आखिर की ग्यारहवीं तारीख से जुड़े होने के कारण इसे ग्यारहवीं शरीफ कहा जाता है।

शान-ओ-शौकत से निकला जुलूस-ए-गौसिया

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