लखनऊ से खुटार होते हुए पलिया (एनएच-731) जाने का सफर अब आसान हो जाएगा। राजधानी से खुटार तक का 220 किमी तक का सफर मात्र तीन घंटे का रह जाएगा। इसके लिए 4750 करोड़ रुपये की लागत से सड़क को फोरलेन किया जाएगा। कुल पांच पैकेज में से तीन पैकेज के लिए कॉट्रैक्टर भी तय कर दिया गया है।
यह सड़क लंबे समय से विभिन्न विभागों से ली जाने वाली एनओसी के फेर में फंसी हुई थी। लेकिन, धीरे-धीरे सभी बाधाएं दूर होती जा रही हैं। इस सड़क पर जिन पांच पैकेज में काम होना है। ये पैकेज हैं-खुटार से शाहजहांपुर (49 किमी), शाहजहांपुर बाईपास (35 किमी), शाहबाद व हरदोई बाईपास (51 किमी.), हरदोई से लखनऊ बॉर्डर (54 किमी) और लखनऊ बॉर्डर से किसान पथ (31 किमी.)।
इसमें खुटार से शाहजहांपुर, हरदोई से लखनऊ बॉर्डर और लखनऊ बॉर्डर से किसान पथ तक के तीन पैकेज पर शीघ्र ही काम प्रारंभ हो जाएगा। इन तीनों पैकेज के लिए टेंडर अवार्ड हो गया है।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
शाहजहांपुर-पलिया हाईवे 35 किमी आगे चलकर गौरीफंटा पहुंचता है। गौरीफंटा के बाद नेपाल की सीमा शुरू हो जाती है। इसी हाईवे से पलिया के आगे चंदनचौकी बॉर्डर तक जाया जा सकता है। प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क भी पलिया के पास है। हाईवे बनने के बाद पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा।
भैंसी नदी पुल बनने से खत्म होगी समस्या
शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर पुवायां-खुटार के बीच भैंसी नदी पर लकड़ी के पटलों से बना पुल बेहद जर्जर है और इस पर भारी वाहनों के निकलने पर रोक है। हाईवे के चौड़ा होने के साथ ही भैंसी नदी पर पुल भी बनेगा, जिससे जर्जर पुल की समस्या से भी निजात मिलेगी।