लखनऊ। आयुष डॉक्टरों की भर्ती का मसला फिर फंस गया है। एनएचएम ने भर्ती के लिए छह माह का सरकारी अस्पताल में कार्य करने का अनुभव प्रमाणपत्र मांग लिया है। अब तक आए आवेदनों में किसी भी आवेदक ने अनुभव प्रमाणपत्र नहीं लगाया है। ऐसे में सभी अभ्यर्थी नियम के तहत बाहर हो गए हैं।
सरकारी अस्पतालों में संचालित आयुष यूनिटों में डॉक्टर नहीं है। एनएचएम ने बीते साल दिसंबर में 21 आयुर्वेद डॉक्टरों की भर्ती का फैसला लिया था। इतने पदों के लिए 2,200 आवेदन आए थे, जिनकी जांच के बाद 420 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल करने का फैसला लिया गया था, मगर अब एनएचएम ने आयुर्वेद-यूनानी डॉक्टरों के चयन के लिए छह माह का अनुभव प्रमाणपत्र मांग लिया है। ऐसी स्थिति में इस विधा के सभी आवेदक साक्षात्कार से बाहर हो जा रहे हैं। वहीं, होम्योपैथी डॉक्टरों के लिए अनुभव प्रमाणपत्र नहीं मांगा है। भर्ती की गुत्थी उलझने के बाद सीएमओ ऑफिस से एनएचएम की मिशन निदेशक को पत्र भेजकर भर्ती के लिए दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि अफसरों के नए निर्देश मिलते ही साक्षात्कार की डेट तय कर दी जाएगी।