लखनऊ। फर्जी मार्कशीट बनाने के मामले में पकड़े गए मास्टर माइंड के तीन और साथियों को गोमतीनगर पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। पुलिस इनके साथ गिरोह से जुड़े लोगों का भी पता लगा रही है।
गोमतीनगर पुलिस और पूर्वी जोन की क्राइम टीम ने शनिवार को जनेश्वर मिश्र पार्क के पास 25 विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। मास्टरमाइंड सत्येंद्र द्विवेदी, साथी उन्नाव के अखिलेश कुमार और लखीमपुर खीरी के ईशानगर के सौरभ शर्मा के पास से 923 फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र बरामद हुए थे। आरोपी पाठ्यक्रम के अनुसार छात्रों से 25 हजार से चार लाख रुपये तक वसूलते थे।
एसीपी बीएन सिंह ने बताया कि सत्येंद्र ने पूछताछ में तीन और साथियों के बारे में बताया है। इन्हें चिह्नित कर लिया गया है। जल्द इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों की कस्टडी रिमांड भी लेने की तैयारी है।
मेरठ, राजस्थान व मध्य प्रदेश जाएंगी पुलिस
आरोपी स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ, नॉर्थ ईस्ट क्रिश्चियन विश्वविद्यालय दीमापुर नागालैंड, महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, कलिंगा विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़, जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय उदयपुर, साबरमती विश्वविद्यालय गुजरात सहित 25 विश्वविद्यालय की मार्कशीट और डिग्री बनाकर बेचते थे। फर्जीवाड़े में विश्वविद्यालयों के अधिकरियों के भी शामिल होने की आशंका बनी हुई है। पुलिस की पांचों टीम संबंधित विश्वविद्यालयों में जाकर अधिकारियों से पूछताछ करेगी। पुलिस कानपुर यूनिवर्सिटी भी जाएगी।
कहां से लाते थे मार्कशीट का पेपर, होगी जांच
गोमतीनगर पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि आरोपी मार्कशीट बनाने के लिए पेपर कहां से लाते थे। साथी फर्जी मार्कशीट के जरिये नौकरी हासिल करने वालों के बारे में पता लगाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी मार्कशीट बनाने के साथ ही इसमें शामिल चीजों की सप्लाई भी करते थे।