कानपुर में रहने वाले शाहीन के पूर्व पति डॉ. जफर हयात ने कहा था कि वह अक्सर यूरोप में बसने की बात कहती थी। डॉ. जफर ने शाहीन के विदेश जाने की बात बताई थी। खुफिया एजेंसियां अब शाहीन के विदेश दौराें की जांच कर रही हैं। पड़ताल में शाहीन के पुरुष मित्र डॉ. मुज्जमिल का तुर्किये कनेक्शन सामने आया है। इसके बाद से शाहीन के कई देशों की यात्रा जांच के घेरे में है। सूत्रों का कहना है कि विदेश दौरे पर शाहीन की मुलाकात आतंकी संगठनों से हुई थी। विदेश में ही उसे भारत में आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट करने का काम सौंपा गया था। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के संबंध आतंकी संगठन जैश से सामने आने के बाद शाहीन के कनेक्शन के बारे में एटीएस पता लगा रही है।
यूएई में दो साल बिताने का मिला प्रमाण
जांच एजेंसियों को डॉ. शाहीन के पासपोर्ट की छानबीन में कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि शाहीन ने दो वर्ष यूएई में बिताए थे। इस दौरान वह कई लोगों के संपर्क में रही। चर्चा है कि यूएई में ही शाहीन को जैश की महिला विंग- जमात उल मोमिनात को तैयार करने की ट्रेनिंग दी गई थी। शाहीन ने वर्ष 2016 से 2018 के बीच यूएई में रहकर नौकरी की थी।
नए सिरे से होगी पूछताछ
शाहीन के लखनऊ में दो माह बिताने की बात सामने आने के बाद एटीएस उसके करीबियों के बारे में पता लगा रही है। बताया जा रहा है कि शाहीन के पिता सईद अंसारी, भाई शोएब व पड़ोसियों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। शाहीन फोन पर किन लोगाें के संपर्क में थी, इस बारे में भी पता लगाया जा रहा है। माना जा रहा है कि शाहीन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड से एटीएस को अहम सुराग मिले हैं।