आरोपी डॉ. रमीज।
लखनऊ। केजीएमयू की रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोपी डॉ. रमीज कई संगठनों से जुड़ा था। आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जांच एजेंसी हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या करने वाले गिरोह से भी रमीज का कनेक्शन खंगाल रही है। इस गिरोह के सरगना रजा को यूपी एटीएस ने केरल से गिरफ्तार किया था।
मूलरूप से फतेहपुर निवासी रजा फंड जुटा रहा था। आरोपी केरल में रहकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। रजा के खाते में ही उसके गिरोह के लोग रकम भेजते थे। अब पुलिस रमीज के बैंक खातों की छानबीन कर रही है। दोनों के खातों में हुए लेनदेन का ब्योरा देखा जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि रमीज और रजा ने एक दूसरे के खातों में रुपये तो नहीं भेजे थे।
सूत्रों के मुताबिक, रमीज के पिता के बैंक खातों से लाखों के लेनदेन की बात सामने आई है। पुलिस टीम आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करने की तैयारी में है। एसटीएफ की टीम ने रमीज से जुड़े कुछ लोगों का ब्योरा जुटाया है। सर्विलांस की मदद से संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि एसटीएफ जल्द ही इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार करेगी।
यही नहीं, केजीएमयू में रमीज के मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई है। केजीएमयू में कार्यरत रमीज के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
धर्मांतरण के लिए उकसाते थे मौलाना
छानबीन में पता चला है कि लखनऊ और आगरा में कुछ मौलाना रमीज और उसके साथियों को हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने के लिए उकसाते थे। मौलाना उन्हें दो हिंदू लड़कियों को फंसाने का लक्ष्य देते थे। बताया जा रहा है कि इसके लिए लड़कों को अच्छी-खासी रकम भी दी जाती थी। पुलिस धर्मांतरण के आरोपी काजी और गवाह की तलाश में दबिश दे रही है। इसके अलावा गिरोह में शामिल मौलाना के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।