लखनऊ। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बाद अब ईरान-इस्राइल के बीच युद्ध से बिगड़े हालात से जीरे के निर्यात में कमी आई है। इस कारण राजधानी की थोक मंडी में एक माह में जीरे का भाव 680 रुपये से 260 रुपये हो गया है।
यहियागंज के व्यापारियों ने बताया कि तीन वर्ष पहले जीरे का निर्यात ज्यादा हुआ था। ऐसे मे इसकी कीमत 180 से 800 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। बाद में भाव में उतार-चढ़ाव आते रहे।
एक महीने पहले तक जीरा 680 रुपये पर आकर टिक गया था, लेकिन अब इसका भाव 240-260 रुपये किलो हो गया है। व्यापारियों के अनुसार वैश्विक युद्ध से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ है और विदेश में जीरे की मांग में गिरावट आई है। देश में जीरे का उत्पादन बेहतर होने से भी इसकी कीमतों पर असर पड़ा है।
नारियल 50 रुपये हुआ महंगा
एक ओर जीरे ने राहत दी है तो दूसरी ओर नारियल (सूखा) भाव खा रहा है। थोक में इसके दाम 50 रुपये बढ़ गए हैं। अब एक किलो नारियल का दाम 280 रुपये हो गया है। इस तेजी का कारण देश के कुछ हिस्सों में नारियल का कम उत्पादन होना बताया जा रहा है। कम आवक के चलते मांग के मुकाबले नारियल की आपूर्ति कम हो गई है, जिससे दाम चढ़ गए हैं।