लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तत्कालीन पेपरमिल चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। एंटी करप्शन की टीम ने 29 अक्टूबर 2025 को दरोगा को सामूहिक दुष्कर्म के केस से एक अभियुक्त का नाम निकालने के एवज में कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी दरोगा धनंजय सिंह की जमानत याचिका पर दिया। याची की ओर से दलील दी गई कि गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त का हाथ फिनॉल्फथेलिन पाउडर टेस्ट करते हुए धुलवाया नहीं गया था। इसके अतिरिक्त कथित रिश्वत की मांग का भी कोई ठोस साक्ष्य अभियोजन के पास नहीं है। न ही रिश्वत लेते समय कथित तौर पर बनाए गए वीडियो-ऑडियो का कोई प्रमाण दिया गया। उधर, सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी दरोगा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।