नगराम। कमालपुर विचलका की अधूरी कच्ची सड़क को पक्का कराने के लिए धूप और बारिश में 22 दिन से धरने पर डटे किसानों की आखिरकार जीत हो गई। 700 मीटर कच्ची सड़क अब पक्की बनेगी, जिससे करीब 35 गांवों की आबादी का आवागमन सुगम होगा। सड़क निर्माण का काम बृहस्पतिवार से शुरू होगा। यह काम लोक निर्माण विभाग ही करेगा। यह भरोसा दिलाकर मोहनलालगंज के एसडीएम आकाश सिंह ने बुधवार को किसानों का धरना समाप्त कराया।
बुधवार को डीएम विशाख जी के हस्तक्षेप पर कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई। इसमें एसडीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और वन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। किसानों की समस्या सुनने के बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग को अधूरी सड़क का निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों के बीच अधूरी सड़क बनवाने की घोषणा की। इससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई।
एसडीएम ने बारिश खत्म होते ही अधूरी सड़क का निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से कच्ची सड़क के गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी डाली जाएगी। वार्ता में एसीपी राजेश सिंह, नगराम थानाध्यक्ष अंजनी सिंह और किसानों की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर सिंह, प्रदेश सचिव दिनेश यादव, संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र और राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य रत्नेश प्रधान शामिल रहे।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
10 अगस्त को स्कूली बच्चों को लेकर जा रही वैन कच्ची सड़क के कारण नाले में गिर गई थी। बड़ा हादसा बच गया था, लेकिन कई बच्चे चोटिल हो गए थे। तभी अमर उजाला ने इस कच्ची सड़क को पक्का कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद किसानों ने 22 दिन तक आंदोलन चलाया। बुधवार शाम चार बजे धरनास्थल के मंच से पक्की सड़क बनाए जाने की घोषणा की गई।
इन गांवों को होगा फायदा
समेसी, कलंदरखेड़ा, शुकुलवा, छेदा खेड़ा, पटवा खेड़ा, छतौनी, गढ़ा, असलमनगर, इस्माइलनगर, हुसैनाबाद, कमालपुर विचलका, बल्दी खेड़ा, रामबक्स खेड़ा, शंकर खेड़ा, भवानी खेड़ा, रसूलपुर, कुंबहरा, पचौरी और तमोरिया समेत करीब 35 गांवों के लोगों को ब्लॉक और तहसील मुख्यालय आने-जाने में सहूलियत होगी।
खस्ताहाल सड़क और किसानों से बात करते एसडीएम।
खस्ताहाल सड़क और किसानों से बात करते एसडीएम।
खस्ताहाल सड़क और किसानों से बात करते एसडीएम।