वाराणसी। कफ सिरप तस्करी मामले में वांछित शुभम जायसवाल के नाम पर धमकाकर लखनऊ के शराब कारोबारी को बंधक बनाकर पीटने और फायरिंग करने का आरोप है। कारोबारी के 8.66 लाख रुपये का भुगतान भी रोक दिया गया। जानकीपुरम निवासी व बी हाइव एन्क्लेव एलएलपी के प्रबंधक अरविंद कुमार जायसवाल की तहरीर पर मंडुवाडीह पुलिस ने बुधवार को जिला जेल में बंद वैभव जायसवाल, उसकी पत्नी शिवांगी और मां राधिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
अरविंद के मुताबिक, उनकी फर्म वाराणसी और लखनऊ में शराब की आपूर्ति करती है। शिवांगी और राधिका ने दुकानों के लिए शराब मंगाई थी। बाद में 8,66,845 रुपये का भुगतान रोक दिया गया। इसमें राधिका की दुकान के 266390 और शिवांगी की दुकान के 600455 रुपये बकाया थे। रकम मांगने पर वैभव ने शुभम से संबंध होने का दावा कर धमकाया।
आरोप है कि 25 मार्च को वैभव ने अरविंद को चौकाघाट पानी की टंकी के पास बुलाया, जहां तीनों ने उसे बंधक बनाकर पीटा। अगले दिन भागने के दौरान वैभव ने गोली चलाई, जिसमें अरविंद बाल-बाल बचा। आरोपियों पर घर-दुकान पहुंचकर परिवार को खत्म करने की धमकी देने का भी आरोप है। थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि वैभव जेल में है, जबकि शिवांगी और राधिका की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
शुभम की ब्लैकमनी खपाने का आरोप
दारानगर निवासी वैभव जायसवाल को कोतवाली पुलिस ने 31 मार्च को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह शुभम जायसवाल के साथ मिलकर ब्लैकमनी को व्हाइट करता था। शुभम के इनर सर्किल में शामिल वैभव कफ सिरप तस्करी की रकम उसके बताए ठिकानों तक पहुंचाता था। शुभम की मदद से पत्नी शिवांगी व मां राधिका के नाम छह शराब ठेके लिए। आबकारी ने सभी ठेके निरस्त कर दिए। ये रोहनिया, खोजवा व सिगरा में थे।