लखनऊ। विश्वेश्वरैया हॉल में शनिवार को चर्चित नाटक सोहनी-महिवाल का मंचन किया गया, जिसमें पंजाब की लोक संस्कृति, सूफी रंग और अमर प्रेमकथा का जीवंत रूप देखने को मिला। दिग्गज नाटककार बलवंत गार्गी की रचना पर आधारित इस प्रस्तुति का रूपांतरण और निर्देशन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के पूर्व छात्र विकास गौतम ने किया। नाटक को प्रोडिजी-प्रो की ओर से प्रस्तुत किया गया जबकि निर्माण बैकस्टेज आर्टिस्ट्री लैब के बैनर तले हुआ।
नाटक की सबसे बड़ी विशेषता 22 युवा कलाकारों की भागीदारी, डबल-कास्ट प्रणाली और लाइव बैकग्राउंड म्यूजिक रही। 45 दिन की थिएटर कार्यशाला के बाद तैयार इस प्रस्तुति में प्रत्येक कलाकार को मुख्य भूमिका निभाने का अवसर मिला, जिससे उनकी अभिनय क्षमता प्रभावी ढंग से उभरकर सामने आई।
लाइव संगीत का निर्देशन पंजाब के संगीतकार नवदीप सिंह ने किया। सहायक संगीत निर्देशक शोभित कुमार और सहायक निर्देशक अंबर गुप्ता रहे। कलाकारों को अभिनय का प्रशिक्षण विकास गौतम, चिन्मय दास और अंबर गुप्ता ने दिया, जबकि रस और भाव की बारीकियां अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना रुनझुन सिंह तथा शैलेश पाल ने सिखाईं। पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और सूफी परंपरा से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।