फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: सेवानिवृत्त जज से प्रताड़ित पति ने दी थी जान, अब पत्नी ने की खुदकुशी

विज्ञापन
कविता। फाइल फोटो
विज्ञापन
लखनऊ। हजरतगंज की सिकंदरनगर नई बस्ती निवासी कविता निषाद (35) ने बुधवार को गोमती में कूदकर जान दे दी। उनके पति महेश ने दो अप्रैल को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन

इस मामले में हजरतगंज थाने में अलीगंज निवासी सेवानिवृत्त जज अनिल कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी वंदना के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कविता आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत थीं।

कविता के भाई अंशु ने बताया कि महेश की आत्महत्या के कुछ दिन बाद उनकी बहन अर्जुनगंज के दूसरे मकान में बच्चों माधव और शुभी के साथ रह रही थी। उन्होंने मकान का हिस्सा किराये पर दे रखा था, जिससे खर्च चल रहा था।
विज्ञापन


बुधवार सुबह कविता सिकंदरनगर स्थित घर पहुंचीं और दोपहर 1:30 बजे चौकी पर दरोगा से मिलने की बात कहकर निकलीं। इसके बाद वह रिवर फ्रंट के पास जाकर गोमती में कूद गईं। लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। गोताखोरों की मदद से कविता को निकलाकर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अंशु का आरोप है कि पुलिस ने महेश की आत्महत्या के मामले में कार्रवाई की होती तो उनकी बहन जिंदा होती। कविता कार्रवाई की मांग को लेकर चौकी और थाने के चक्कर काटती रहीं, पर किसी ने नहीं सुनी। अंशु ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



महेश ने आत्महत्या से पहले बनाया था वीडियो

महेश सेवानिवृत्त जज अनिल कुमार श्रीवास्तव के यहां खाना बनाते थे। दो अप्रैल को महेश ने आत्महत्या से पहले वीडियो बनाया था। इसमें मालकिन को संबोधित करते हुए कहा था कि, मम्मी जी...आज के बाद नहीं मिलेंगे आपसे...क्योंकि आज हम जा रहे आत्महत्या करने।



सेवानिवृत्त जज ने लगाया था चोरी का आरोप

बहन शांति के मुताबिक, महेश चार वर्षों से सेवानिवृत्त जज के यहां काम कर रहे थे। होली के समय उनके घर में चोरी हुई थी। वहां और भी लोग काम करते हैं। महेश पर साढ़े छह लाख रुपये की चोरी का आरोप लगा था। 17 मार्च को अनिल ने महेश को घर बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। सेवानिवृत्त जज फोन पर पीटने और घर जब्त करने की लगातार धमकी दे रहे थे। इससे आहत होकर महेश ने जान दे दी थी।



वर्जन

एफआईआर में गिरफ्तारी की धारा नहीं थी। आरोपी ने कोर्ट से स्टे भी ले रखा था। महेश का फोन फोरेंसिक लैब भेजा गया था। मामले की विवेचना जारी है। जांच में सामने आया है कि कविता का परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद भी चल रहा था। पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन


- विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर हजरतगंज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें