लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राजधानी के सरकारी मेडिकल संस्थानों व अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटर का ब्योरा मांगा है।
कोर्ट ने कहा है कि किस संस्थान या अस्पताल में कितने वेंटिलेटर उपलब्ध हैं और कितने की आवश्यकता है, इसका पूरा आंकड़ा दिया जाए जिससे कोर्ट यह सुनिश्चित कर सके कि जो भी वेंटिलेटर उपलब्ध हैं उनकी संख्या पर्याप्त है या नहीं। इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 7 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई में केजीएमयू के कुलपति, एसजी पीजीआई और आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशकों को स्वयं अथवा नामित अधिकारी के जरिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित होने का आदेश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने वी द पीपल नामक संस्था की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में राजधानी के सरकारी संस्थानों व अस्पतालों में वेंटिलेटर सुविधा की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया है।