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Lucknow News: हाईकोर्ट ने अवैध कब्जा हटाने की अर्जी को निस्तारित करने का दिया आदेश

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हाईकोर्ट।
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लखनऊ। हाईकोर्ट ने नीलांश ग्रुप की ओर से गोमती नदी के तल (रिवर बेड) की कुछ जमीनों पर कब्जा करने के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने संबंधित तहसीलदार को अतिक्रमित सरकारी जमीन को चिह्नित कर वहां से अवैध कब्जा हटाने की विचाराधीन अर्जी निस्तारित करने का आदेश दिया है। साथ ही नीलांश ग्रुप को भी नोटिस जारी कर 7 जुलाई तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
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मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश दीपक शुक्ला की वर्ष 2024 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिल किया था, जिसके अवलोकन पर न्यायालय ने पाया कि नदी क्षेत्र में अतिक्रमण की स्वीकारोक्ति के बावजूद भी यूपी राजस्व अधिनियम की धारा 67 के तहत कार्रवाई टाली जा रही है। न्यायालय ने तहसीलदार को अगली सुनवाई तक कार्रवाई निस्तारित करने का आदेश दिया है। साथ ही पक्षकारों नीलांश थीम वाटर पार्क, नीलांश प्रॉपर्टीज, नीलांश बिल्डर्स, संतोष श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव व मदन लाल को नोटिस कर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया है।

याचिका में नीलांश थीम वाटर पार्क व अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए उन पर लखनऊ के ग्राम बदैया व टिकरी कलां में पड़ने वाले गोमती नदी के रिवर बेड पर कब्जा कर व्यावसायिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। याची की दलील है कि उक्त जमीन से कब्जा हटाने का आदेश एसडीएम मलिहाबाद ने 20 जनवरी 2020 को ही पारित किया था, लेकिन अब तक क्रियान्वयन नहीं हो सका है।
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