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जिसकी हत्या का आरोप था विधायक पर, उसे पुलिस ने गांजा के साथ गिरफ्तार किया

Mon, 04 Mar 2019 09:12 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला गोंडा
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तरबगंज के भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडेय पर दो साल पहले मंझे यादव का अपहरण कर हत्या कर शव को घाघरा में नदी में फेंकवा देने का आरोप लगा था। मगर वह जिंदा निकला। पुलिस ने रविवार को उसे मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मंझे यादव ने पुलिस की पूछताछ में दो साल पहले फरार होने के बाद मुंबई और दिल्ली में रहकर तस्करी करना स्वीकार किया है।  
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थाना तरबगंज के प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे ने बताया कि मंझे यादव को दुर्जनपुर घाट के पास से एक किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपनी पत्नी व गांव के एक व्यक्ति के साथ मिलकर प्रेम नारायण पांडेय मौजदा भाजपा विधायक को अपहरण व हत्या के मामले में फंसाने के लिए दो साल पहले यहां से फरार हो गया था। तभी से मुंबई और दिल्ली में रहकर मादक पदार्थों की तस्करी करता था। 

तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडे ने सोमवार को अपने तरबगंज स्थित आवास पर मीडिया के सामने सफाई दी। उन्होंने कहा कि सियासी साजिश के तहत उन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान फर्जी तरीके से उनके गांव के ही मंझे यादव का अपहरण करके हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की गई थी। 
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उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उनका टिकट कटवाने और उनकी छवि धूमिल करने के लिए मंझे यादव को मोहरा बनाया गया था। फिलहाल उन्होंने कहा कि अभी साजिश करने वालों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन मामले में स्थानीय कुछ लोग शामिल थे। जल्द ही उसका भी खुलासा होगा। 

दरअसल दो साल से तरबगंज के मंझे यादव लापता था और उनकी पत्नी रोशनी की तरफ से पति मंझे का अपहरण कर हत्या किए जाने के मामले में विधायक प्रेम नरायन पांडे पर आरोप था। इसके लिए रोशनी ने थाने से लेकर न्यायालय तक प्रार्थना पत्र दे रखा है। तरबगंज पुलिस ने उस युवक मंझे को मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार किया है। 

भाजपा विधायक प्रेम नरायन पांडेय ने गिरफ्तारी को राहत भरा बताया और कहा कि उन्हें सियासी साजिश के तहत फंसाने के लिए यह करतूत राजनीतिक विरोधियों ने की थी। बताया कि मंझे यादव और शशी पांडे में जमीन का विवाद था। जिसे लेकर मंझे यादव ने शशि पांडे के साथ मुझे भी मारपीट का आरोपी बनाते हुए स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था। जांच में जब मामला फर्जी पाया गया तो मंझे यादव मेरे राजनीतिक विरोधियों के शह पर गायब हो गया और उसकी पत्नी रोशनी यादव ने मुझ पर हत्या कर गायब करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया। लेकिन पुन: जांच में मामला फर्जी पाया गया।
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