तरबगंज के भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडेय पर दो साल पहले मंझे यादव का अपहरण कर हत्या कर शव को घाघरा में नदी में फेंकवा देने का आरोप लगा था। मगर वह जिंदा निकला। पुलिस ने रविवार को उसे मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मंझे यादव ने पुलिस की पूछताछ में दो साल पहले फरार होने के बाद मुंबई और दिल्ली में रहकर तस्करी करना स्वीकार किया है।
थाना तरबगंज के प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे ने बताया कि मंझे यादव को दुर्जनपुर घाट के पास से एक किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपनी पत्नी व गांव के एक व्यक्ति के साथ मिलकर प्रेम नारायण पांडेय मौजदा भाजपा विधायक को अपहरण व हत्या के मामले में फंसाने के लिए दो साल पहले यहां से फरार हो गया था। तभी से मुंबई और दिल्ली में रहकर मादक पदार्थों की तस्करी करता था।
तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडे ने सोमवार को अपने तरबगंज स्थित आवास पर मीडिया के सामने सफाई दी। उन्होंने कहा कि सियासी साजिश के तहत उन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान फर्जी तरीके से उनके गांव के ही मंझे यादव का अपहरण करके हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की गई थी।