लखनऊ। केजीएमयू में तदर्थ कर्मचारियों को पेंशन-भत्ते देने का मामला बढ़ता जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री को पत्र भेजकर शासन के अफसरों से इसकी जांच कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि केजीएमयू के अफसर जांच के नाम पर लीपापोती कर सकते हैं।
सुल्तानपुर के लंभुआ से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा ने 10 जुलाई को वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना को पत्र लिखा। इसमें केजीएमयू के तदर्थ कर्मचारियों को पेंशन देने के मामले की जांच कराने की सिफारिश की गई। उन्होंने कहा कि नियम ताक पर रखकर इन्हें पेंशन, भत्ते दिए गए। इसके जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। लिहाजा शासन स्तर से स्वतंत्र एजेंसी व अधिकारियों से जांच होनी चाहिए। यह भी कहा कि दोषी मिलने पर जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई की जाए। उनसे आर्थिक क्षति की वसूली की जाए। अयोध्या के मिल्कीपुर के पूर्व भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा ने भी शासन स्तर से मामले की जांच कराने की मांग की है। इसे लेकर नौ जुलाई को प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है।