सरगना के साथी ने खुद को बताया था एफसीआई डायरेक्टर का पीए
लखनऊ। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में 140 करोड़ का टेंडर दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग ने सात माह पहले पीड़ित कारोबारियों खुर्रमनगर निवासी रफत मुईन और जियाउद्दीन को जाल में फंसाया था। गैंग के गुर्गे प्रकाश ने पीड़ितों के बेटों को दिल्ली बुलाकर टेंडर को लेकर बातचीत की थी। इस दौरान प्रकाश ने खुद को एफसीआई के डायरेक्टर का पीए बताया था।
एसटीएफ ने पकड़े गए सरगना नजाहिर हुसैन उर्फ अरविंद चौहान के साथियों हरियाणा निवासी विशाल गर्ग, नोएडा निवासी अभिषेक ठाकुर, प्रकाश और अभिषेक जैन को भी मामले में आरोपी बनाया है। एसटीएफ चारों की तलाश में जुटी है। पूछताछ में नजाहिर ने बताया कि पीड़ितों के बेटों को सात माह पहले दक्षिणी दिल्ली में खान मार्केट के पास टेंडर की बातचीत करने के लिए बुलाया था। प्रकाश ने हरियाणा व उत्तर प्रदेश के एफसीआई गोदाम से रसद सामग्री उठाने के टेंडर की सेटिंग कराने की बात कही थी।
एसटीएफ के सूत्रों की मानें तो आरोपी नजाहिर का बैंक खाता खंगाला जा रहा है। बरामद दोनों मोबाइल फोन का डाटा भी अलग किया जा रहा है। पूछताछ में नजाहिर ने बताया है कि वह और आरोपी विशाल तीन दिन पहले ही दिल्ली से लखनऊ आए थे। पीड़ितों पर टेंडर दिलाने के नाम पर तय हुए पांच करोड़ में से बचे एक करोड़ रुपये लेने का दबाव डाल रहे थे।
यह है पूरा मामला
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में 140 करोड़ का टेंडर दिलाने के नाम पर चार करोड़ रुपये की ठगी करने वाले जालसाज दक्षिणी दिल्ली पूर्वी कैलाश निवासी नजाहिर हुसैन उर्फ अरविंद चौहान उर्फ सागर खंडेलवाल को एसटीएफ ने गोमतीनगर से शुक्रवार रात गिरफ्तार किया था। गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी नजाहिर मूलरूप से बरेली के नवाबगंज अभयराजपुर का रहने वाला है।