लखनऊ। दुबग्गा खंड में बिजली मीटरों के फर्जीवाड़े पर रोक लगती नहीं दिख रही है। सवा साल बाद फिर यहां बिजली मीटरों का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। चश्मदीद दावा कर रहे कि चेकिंग टीम ने घरों से 15 फर्जी मीटर उतारे थे, मगर प्रशासन ने महज चार की ही पुष्टि की।
ऐसे में महकमे पर उंगली उठ रही है कि कार्रवाई हमेशा छोटे कर्मियों तक ही सीमित रहती है, जबकि असली खिलाड़ियों को बचा लिया जाता है। इसी कारण बिजली बिल के घालमेल और मीटरों की अदला-बदली पर अंकुश नहीं लग रहा है। फर्जीवाड़े का यह ताजा मामला हंसखेड़ा की कांशीराम कॉलोनी का है। जेई और एसडीओ ने इस पूरे प्रकरण को सिर्फ बिजली चोरी बताकर रफा-दफा कर दिया, जबकि जांच में मीटर सेक्शन, ठेकेदारों और संविदाकर्मियों की संलिप्तता सामने आ रही है। फिलहाल जांच शुरू हो गई है।
दरअसल, कबीरनगर उपकेंद्र के तहत आने वाली कांशीराम कॉलोनी में जेई-एसडीओ की टीम ने पिछले दिनों छापा मारा था। एक्सईएन विशाल वर्मा ने बताया कि कॉलोनी में बिलकिस, बन्नो और कमर के घरों में बिना वैध कनेक्शन के फर्जी मीटर लगे मिले। इन सभी पर बिजली विभाग का बकाया भी था। वहीं, राजू के घर में दूसरी जगह के वैध कनेक्शन का मीटर उखाड़कर लगाया गया था।
दो साल से चल रहा खेल
दुबग्गा खंड के पारा, मोहान रोड, नहरिया रोड और कबीरनगर इलाकों में दो साल से फर्जी मीटर सिंडिकेट सक्रिय है। इसमें परीक्षण खंड के कर्मी, ठेकेदार, पूर्व संविदा कर्मचारी और उपकेंद्रों पर कार्यरत संविदाकर्मियों की मिलीभगत बताई जा रही है। मार्च 2024 में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें जेई समेत 11 कर्मचारियों को निलंबित और बर्खास्त किया गया था।
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Iपरीक्षण खंड से जुड़े फर्जी मीटरों की जांच कराई जा रही है। यह मीटर किस जेई या ठेकेदार को आवंटित थे, इसकी भी पड़ताल होगी।I
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- रजत जुनेजा, मुख्य अभियंता, अमौसी जोन, लेसाI