लखनऊ। रहमानखेड़ा क्षेत्र के जंगलों व उससे ग्रामीण इलाकों में घूम रहे तेंदुए की सूचना पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में कांबिंग की। जंगल से सटे खेतों में उसके पगचिह्न देखने के भी प्रयास किए, लेकिन टीम को कहीं भी ताजे पगचिह्न नहीं मिले।
सहिलामऊ में गत दिवस बछिया का शिकार करने के बाद उसके शव के आसपास ग्रामीणों ने तेंदुए के पगचिह्न देखे थे, जिसके बाद से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। सूचना पर वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रेस करने के लिए छह स्थानों पर कैमरे भी लगा दिए हैं। उलरापुर गांव निवासी किसान राजू यादव ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुआ कई बार देखा गया है। बाघ के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भी कई बार जंगल में तेंदुए को देखा गया था। रहमान खेड़ा से 15 किमी दूर बंशीगढ़ी के जंगल में तेंदुआ अक्सर देखा जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर शिकार की तलाश में तेंदुआ रहमान खेड़ा के जंगलों में आता जाता रहता है। डीएफओ अवध सितांशु पांडेय ने बताया रविवार को वन विभाग की टीम ने कांबिंग की और तेंदुए के संभावित रास्ते पर छह ट्रैप कैमरों को लगाया गया है। एक टीम को रात्रि गश्त के लिए भी लगाया गया है। इसके साथ ही साथ ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।