सत्र की शुरुआत के बाद धीरे-धीरे यहां फर्नीचर आदि की व्यवस्था हुई। अब यहां 10 सामान्य क्लास रूम के साथ-साथ एक स्मार्ट क्लास है। तीन मंजिला कॉलेज में चार प्रैक्टिकल हाल व कंप्यूटर सेंटर है। लैब में उपकरण और लाइब्रेरी में एक लाख की किताबें भी हैं।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी का कहना है कि कॉलेज छात्राओं के लिए है। स्थानीय विधायक व अन्य लोगों से भी बात करेंगे कि क्या इसे कोएड करने का फायदा होगा? अगर नहीं तो कैसे मिलकर संख्या बढ़ाई जाएगी। सब मिलकर बेहतर करने का और संख्या बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सर्वेश मिश्रा का कहना है कि कॉलेज पिछड़े क्षेत्र में है। विद्यार्थी पूरी फीस भी नहीं जमा कर पाते हैं। पिछले साल कॉलेज के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी। इस बार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इससे छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। कॉलेज तक परिवहन की व्यवस्था हो और कामकाज के लिए और सहयोगी स्टाफ भी मिले तो बेहतर हो।