रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुके पहले बैच के छात्र-छात्राओं की इंटर्नशिप भी पूरी होने वाली है। मार्च में 40 डॉक्टरों की पहली खेप निकलेगी। अच्छी रैंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को एम्स में ही प्लेसमेंट देने की व्यवस्था की गई है। ऐसा होने के बाद उन्हें भटकना नहीं पड़ेेगा। एम्स में ही टॉपरों को मौका मिलने से डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी।
एम्स में वर्ष 2019 में एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई थी। पहले बैच में 50 बच्चे शामिल किए गए थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद पिछले साल मार्च माह में परिणाम घोषित किए गए थे। पहले बैच में 34 बच्चे पास हुए थे। मेडिकल कॉलेज में उपस्थिति कम होने के कारण एमबीबीएस के 16 छात्र-छात्राओं को पूरक परीक्षा जल्द ही पास करने का मौका दिया गया था। इसमें कुछ छात्र ही पास हुए हैं।
रजिस्ट्रार एम्स प्रो. भोलानाथ ने बताया कि एम्स में परीक्षा पास करने के बाद 40 छात्र-छात्राएं एम्स में ही एक साल की इंटर्नशिप कर रहे हैं। इंटर्नशिप का काम मार्च माह में पूरा हो जाएगा। टॉपरों को एम्स में ही नौकरी देने की व्यवस्था भी की गई है।