लखनऊ। राजधानी में एक बार फिर अदब, संगीत और संस्कृति का रंग बिखरने जा रहा है। गोमती नगर स्थित यूपी संगीत नाटक अकादमी में शुक्रवार से दो दिवसीय जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव–कल्चरल कारवां का आगाज होगा। संस्कृति व पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश पर्यटन के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव इस वर्ष ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर को समर्पित है।
पहले दिन पद्मश्री पं. रोनू मजूमदार के बांसुरी वादन से सुरों की मिठास घुलेगी, जबकि सुल्तानी ब्रदर्स की रूहानी कव्वाली महफिल को खास बनाएगी। पद्मश्री भेरू सिंह चौहान का ‘कबीर गायन’ श्रोताओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराएगा।
महोत्सव का दूसरा दिन उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के उल्लास में रंगा रहेगा। पद्मभूषण पं. साजन मिश्रा और स्वरांश मिश्रा के शास्त्रीय गायन से शाम सजेगी, वहीं शिंजनी कुलकर्णी का कत्थक नृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। साहित्य प्रेमियों के लिए प्रो. वसीम बरेलवी और अज्म शकीरी का ‘शब्दरंग’ मुशायरा प्रमुख आकर्षण रहेगा।
कार्यक्रम में ‘लाफ्टर और लखनवी तहजीब’ विषय पर अभिनेता रहमान खान से संवाद और सिनेमाई हकीकत पर मनु ऋषि चड्ढा व मनजोत सिंह के साथ चर्चा भी होगी। पारंपरिक आल्हा गायन और बैतबाजी (काव्य अंत्याक्षरी) जैसी विलुप्त होती विधाओं से भी दर्शकों को रूबरू कराया जाएगा। महोत्सव में भाग लेने के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.jashneadab.org पर निशुल्क पंजीकरण कराया जा सकता है।