लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर हो रहे विरोध के बीच बिजली विभाग ने इसके फायदों को लेकर मोर्चा संभाला है। शनिवार को लखनऊ मध्य जोन के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) मुकेश कुमार त्यागी ने प्रेसवार्ता कर दावा किया कि स्मार्ट मीटर से फर्जी रीडिंग की समस्या खत्म होगी, उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।
हुसैनगंज स्थित 1912 कॉल सेंटर में त्यागी ने कहा कि वही लोग नियोजित तरीके से भ्रम फैला रहे हैं, जो समय पर बिल का भुगतान नहीं करते हैं। जब से स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिस्टम लागू हुआ, तब से ऐसे उपभोक्ताओं को बिल भरना पड़ रहा है, जिन्होंने दो-दो साल तक बकाया नहीं चुकाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपीपीसीएल स्मार्ट कंज्यूमर एप का उपयोग कर उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर खुद नियंत्रण रख सकते हैं।
ये हैं प्रमुख सुविधाएं
बैलेंस पॉजिटिव रखने और समय पर रिचार्ज करने पर बिल में 2% की छूट।
मोबाइल ऐप से रोज की बिजली खपत देख सकते हैं, जिससे फिजूलखर्ची रुकेगी।
कोई रीडर गलत या ज्यादा रीडिंग फीड कर बिल नहीं बढ़ा पाएगा।
बैलेंस खत्म होने से पहले उपभोक्ता के पास बार-बार रिचार्ज के लिए मेसेज आएगा।
रिचार्ज के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, घर बैठे खुद मोबाइल से रिचार्ज संभव।
ऐप पर मीटर और बिल से जुड़ी हर जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध।
मीटर खराब होने पर विभाग को खुद सूचना मिल जाएगी और इसे निशुल्क बदला जाएगा।