लखनऊ। राजधानी के परिषदीय विद्यालयों का निपुण आकलन 27 जनवरी से शुरू होगा। 14 फरवरी तक होने वाले इस आकलन से शैक्षिक गुणवत्ता का पता चलेगा। इस काम के लिए 109 टीमें तैयार की गई हैं। हर टीम में दो सदस्य होंगे।
जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में सभी टीमों का प्रशिक्षण प्राचार्य राम प्रवेश की मौजूदगी में कराया गया। टीमें एप के माध्यम से आकलन कर मौके पर विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को परखेंगी। इसका ब्योरा एप पर भी अपलोड किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान नोडल प्रभारी प्रवक्ता विजेंद्र सिंह, एसआरजी क्षमा सिंह व सुनीता तिवारी मौजूद रहीं।
प्रधानाचार्य रखें अपनी तैयारी
आकलन से पहले प्रधानाध्यापकों को भी अपनी तैयारी रखनी होगी। डायट प्राचार्य राम प्रवेश ने बताया कि स्कूलों में टीमें तय समय पर पहुंचेंगी। आकलन का समय 14 फरवरी तक है, लेकिन इससे पहले ही जिले में टीमें काम पूरा कर लेंगी। राजधानी के करीब 1400 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक और दो के बच्चों का आकलन होता है। इसमें उनके शैक्षिक और बौद्धिक स्तर को परखा जाता है।
निपुण आकलन के फायदे
- बच्चों की प्रगति का पता चलता है।
- शिक्षकों को बच्चों की स्थिति समझने में मदद मिलती है।
- छात्रों को नवाचारी ढंग से पढ़ाया जा सकेगा।
- इसका भी पता चलता है कि शिक्षकों ने क्या पढ़ाया?
कोट.......
प्रशिक्षुओं को शुचितापूर्ण आकलन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के साथ प्यार व आत्मीयता का व्यवहार करते हुए आकलन किया जाए। इससे बच्चे इस आकलन को उत्सव की तरह लें, न कि एक दबाव के रूप में।
- विपिन कुमार, बीएसए