मोहम्मद मुदस्सिर
मलिहाबाद। दशहरी आम के शौकीनों का इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। मलिहाबाद का दशहरी आम देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी मिठास का जादू बिखेर रहा है। हालांकि निर्यात बाजार में बढ़ती मांग के बावजूद घरेलू मंडियों में किसानों को उम्मीद के अनुरूप कीमत नहीं मिल रही है, जिससे उनके चेहरे की चमक फीकी पड़ गई है।
देश के कई राज्यों में दशहरी आम का थोक भाव 20 से 30 रुपये प्रति किलो के बीच चल रहा है। यह भाव किसानों की अपेक्षाओं से कम माना जा रहा है। मलिहाबाद से प्रतिदिन 80 से 100 गाड़ियां आम लेकर देश के विभिन्न राज्यों के लिए रवाना हो रही हैं। एक जून से लगातार आपूर्ति जारी है।
आढ़ती सुनील गुप्ता और राकिम खान ने बताया कि दशहरी आम मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, असम और गुवाहाटी सहित देश के अधिकांश बाजारों में पहुंच चुका है। मांग बनी हुई है लेकिन कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि सीजन की शुरुआत में दशहरी का भाव बेहतर था, लेकिन बाद में कीमतें कमजोर पड़ गईं। किसान रेहान ने बताया कि फिलहाल खरीदारी भर की बिक्री हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। (संवाद)
विदेशों में दिखा दशहरी का जलवा
विशिष्ट नवीन उपमंडी सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि मलिहाबाद की दशहरी की विदेशों में अच्छी मांग है। नेपाल में पिछले 10 दिनों के दौरान रहमानखेड़ा मैंगो हाउस से 80 मीट्रिक टन दशहरी आम निर्यात किया जा चुका है। नेपाल सरकार यूरोप की तर्ज पर हॉट वॉटर ट्रीटमेंट और परीक्षण में खरा उतरने के बाद आम की खरीद कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष केवल 30 मीट्रिक टन आम ही नेपाल निर्यात हो सका था। वहीं, कतर के दोहा में 660 किलो तथा लंदन में दशहरी और रामकेला आम का भी निर्यात किया जा चुका है।
आम आदमी की पहुंच में भी रहेगा दशहरी
थोक बाजार में कीमतें अपेक्षाकृत कम होने का असर खुदरा बाजार पर भी दिख रहा है। बाजारों में दशहरी आम 50 से 60 रुपये प्रति किलो के फुटकर भाव पर बिक रहा है। ऐसे में इस बार दशहरी आम आम उपभोक्ताओं की थाली तक भी आसानी से पहुंचता दिखाई दे रहा है।
विदेश पहुंचने से पहले गर्म पानी की परीक्षा से गुजरता है दशहरी
विदेशों में आम के निर्यात के लिए हॉट वाटर ट्रीटमेंट अनिवार्य प्रक्रिया है। इसमें आमों को 52 से 55 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले गर्म पानी में 5 से 10 मिनट तक रखा जाता है। इसके बाद उन्हें 10 मिनट तक साफ ठंडे पानी में डुबोकर सुखाया जाता है। इस प्रक्रिया से फलों में मौजूद फ्रूट फ्लाई के अंडे और लार्वा नष्ट हो जाते हैं। साथ ही एंथ्राक्नोज जैसी बीमारियों और फंगल संक्रमण की आशंका कम हो जाती है। हॉट वाटर ट्रीटमेंट आम को खराब होने से बचाने के साथ उसे एक समान रूप से पकने में भी मदद करता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात होने वाले आमों के लिए यह प्रक्रिया जरूरी मानी जाती है।