लखनऊ। परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर ओवरलोड ट्रकों को पास कराने और राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपी डंपर चालक कपिल की जमानत अर्जी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश श्याम मोहन जायसवाल ने खारिज कर दिया है।
12 नवंबर को एसटीएफ ने मड़ियांव के खदरी मोड़ से सीतापुर की ओर जाते हुए दलाल अभिनव पांडेय को गिरफ्तार किया था। अभिनव से पूछताछ के बाद पुलिस ने डंपर चालक कानपुर सजेती कुरिया गांव निवासी कपिल को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि वे लोग परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत देकर ओवरलोड ट्रक व डंपरों को बिना रोकटोक के पास करा रहे थे। दलालों के माध्यम से पूरा सिंडिकेट चल रहा था।
पूछताछ में दलाल ने एक एआरटीओ, दो दीवान, एक पीटीओ और अपने अन्य सहयोगियों का नाम बताए हैं। मड़ियांव थाने में एआरटीओ सहित नाै लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पूछताछ में यह सामने आया था कि परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी प्रति वाहन छह हजार रुपये महीना लेते थे। रुपये देने के बाद ओवरलोड वाहन बड़े आराम से शहर की सीमा पार कर लेता था। एसटीएफ की टीम ने पकड़े गए आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, एक डायरी, दो रजिस्टर, एक पैनकार्ड, एक डीएल, एक आधार कार्ड, एक कार, एक डंपर, खनिज के दस्तावेज, कांटे की पर्ची और टैक्स इनवाॅइस मिली है।