लखनऊ। खुले नालों और सीवर मैनहोल ढकने का अभियान नगर निगम तब चला रहा है, जब एक व्यक्ति की जान खुले नाले में गिरने से चली गई। यह पहली बार नहीं है, हर बार यही होता है। निगम के अफसर तभी जागते हैं, जब कोई जान जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण चली जाती है।
बीते साल भी जानकीपुरम विस्तार में एकेटीयू के पास खुले मैनहोल में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। उसके बाद जलकल विभाग ने खुले मैनेहाल ढकने का अभियान चलाया था। वहीं, बीते साल ही गोलागंज इलाके में एक बच्चा बारिश के दौरान हुए जलभराव में नहाने के दौरान नाले में बह गया था। उसकी भी मौत हो गई थी। दो दिन बाद उसका शव गोमती नदी से बरामद हुआ था। उसके बाद नगर निगम ने नालों को ढकने के लिए अभियान चलाया था, मगर ये अभियान खानापूरी तक सिमट गई। शहर में तमाम जगहों पर नाले और मैनहोल अब भी खुले हैं। हालांकि, हादसे के बाद अब एक बार फिर नगर निगम खुले नालों और जलकल विभाग खुले मैनहोल ढकने का काम करा रहा है।
नगर निगम का दावा 100 से अधिक नाले ढके
नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि खुले नालों और मैनहोल ढकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। तीन दिन में 90 से अधिक स्थानों पर नाले ढके गए हैं। वहीं, जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि तीन दिनों में 30 से अधिक स्थानों पर सीवर के टूटे या गायब ढक्कन बदले गए हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि सभी अपर नगर आयुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दें कि खुले मैनहोल और नालों को त्वरित रूप से ढकवाया जाए।
ढके गए नाले।
ढके गए नाले।