इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को डीजीपी राजीव कृष्णा से मुलाकात कर उन्हें मुबारकबाद दी। उन्होंने ईद उल अजहा पर सुरक्षा व्यवस्था करने और कुर्बानी में किसी तरह की रुकावट पैदा न होने की मांग की।
डीजीपी से मुलाकात के दौरान मौलाना डीजीपी को अवगत कराया कि ईद उल अजहा (बकरईद) की नमाज 7 जून को होगी और कुर्बानी 7, 8 और 9 जून को की जाएगी। मौलाना ने डीजीपी को ज्ञापन सौंप कर ईदगाह लखनऊ सहित प्रदेश की सभी ईदगाहों और मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज के समय सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की। मौलाना ने कहा कि कुर्बानी मुसलमानों का धार्मिक कर्तव्य है। नमाज के बाद लोग घरों या बड़े मैदानों में कुर्बानी करते हैं, लिहाजा कुर्बानी में किसी प्रकार की रुकावट पैदा न होने दी जाए।
ये भी पढ़ें - यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 20 फीसदी आरक्षण, तीन वर्ष की मिलेगी छूट भी
ये भी पढ़ें - पूर्व अग्निवीरों को बड़ी सौगात: यूपी पुलिस भर्ती में मिलेगा 20 फीसदी आरक्षण; पढ़ें योगी कैबिनेट के 10 फैसले
उन्होंने कहा कि किसान गांव में साल भर जानवर पालते हैं, ईद उल अजहा पर शहरों में जाकर बेचते हैं। इसी से उनका साल भर का खर्च चलता है। इन जानवरों पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है। उनके आवाजाही में कोई समस्या न हो। जहां पर किसान जानवरों को बेचने के लिए एकत्र होते हैं वहां पर सुरक्षा की व्यवस्था कराई जाए। मौलाना की मांग पर डीजीपी आश्वासन दिया कि किसी को कानून का उल्लंघन नही करने दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीकी, मौलाना मोहम्मद मुश्ताक, मौलाना मोहम्मद सुफयान, मुनीब अलवी और मुहम्मद कलीम खां शामिल रहे।