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Lucknow News: रातभर घर में शव के साथ सोए थे दंपती, अगले दिन लगाया ठिकाने

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आरोपी की बरामद साइकिल।
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लखनऊ। दुबग्गा में बच्ची की हत्या के बाद सोनू व उसकी पत्नी जुगनू पूरी रात शव के साथ सोए रहे। दोनों को बच्ची की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं था। सिर में चोट लगने से बच्ची के लहूलुहान होने पर जुगनू ने सफाई की थी। यही नहीं, बच्ची की मौत के बाद अपनी बेटी की नई टीशर्ट भी उसको पहनाई थी। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में बच्ची के पीछे जाते हुए सोनू दिखाई दिया था तभी से वह शक के घेरे में था।
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डीसीपी पश्चिम का कहना है कि बच्ची की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने 200 घरों की तलाशी ली। तीन बार 193 कैमरे देखे गए। यही नहीं, ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गई। 25 पुलिसकर्मी भेष बदलकर गांव में घूमते रहे ताकि कोई सुराग मिल सके। पुलिस को शव के पास से एक रस्सी का टुकड़ा मिला था। फुटेज में सोनू की साइकिल में भी वैसी ही रस्सी बंधी हुई दिखी। इसके बाद संदेह और गहरा गया। इसके बाद जुगनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने घटना कबूल ली।
पुलिस ने सोनू के घर से घटना में इस्तेमाल साइकिल, रस्सी, सफेद पन्नी, फुल, लौंग व एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद सोनू व जुगनू घर लौटे तो उनके बीच विवाद भी हुआ था। जुगनू ने पकड़े जाने पर पूरी कहानी पुलिस को बता देने की बात कही थी।
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चूक गई पुलिस, सोनू ने दे दी जान

इस पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई। 23 जनवरी की रात में ही पुलिस की ओर से सक्रियता नहीं दिखाई गई। अगर उसी समय फुटेज देखे गए होते तो बच्ची को बरामद किया जा सकता था। यही नहीं, सोनू पर शक पहले से था तो उसे पूछताछ के बाद क्यों छोड़ा गया। अगर सोनू को हिरासत में रखकर पूछताछ की गई होती तो वह आत्महत्या नहीं कर पाता। इस प्रकरण में कई ऐसे सवाल हैं, जो अभी भी अनसुलझे हैं।

मानसिक बीमारी है जिन्न या भूत प्रेत दिखना
जिन्न या भूत प्रेत दिखना मानसिक बीमारी है। अगर इस मामले में पत्नी को पति की हरकतों के बारे में पता था तो उसने आसपास के लोगों से बताया होगा। संभव है कि अनपढ़ लोगों ने झाड़ फूंक की सलाह दी होगी। अगर महिला को सही सलाह दी गई होती तो उसके पति का इलाज कराया जा सकता था। घर, परिवार या आसपास में ऐसे कोई व्यक्ति हों तो उसे फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
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- डाॅ. देवाशीष शुक्ला, मनोरोग विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधीक्षक, कैंसर संस्थान
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