लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के नेत्र रोग विभाग में बाहर से दवाएं-लेंस मंगवाने के मामले को संस्थान प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कुलपति सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर सोमवार को तीन सदस्यीय जांच समिति बना दी गई। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
समिति की अध्यक्षता पैरामेडिकल संकाय के डीन प्रो. केके सिंह करेंगे। समिति में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सुरेश कुमार और जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. सुरेंद्र कुमार को भी शामिल किया गया है। समिति इसी महीने अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट देगी।
दाहिनी आंख में थी समस्या, जांच में बताई बाईं में
काकोरी के जेहटा निवासी 57 वर्षीय गीता कश्यप को दाहिनी आंख में मोतियाबिंद की शिकायत थी। आरोप है कि केजीएमयू में हुई अल्ट्रासाउंड जांच में बाईं आंख में समस्या बताई गई। मरीज को सर्जरी के नाम पर सादे कागज पर दवाओं की सूची थमाई गई और एक खास मेडिकल स्टोर से लेंस, दवाएं लाने के लिए कहा गया, जबकि मरीज आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी है। उसे इसका भी लाभ नहीं दिया गया। केजीएमयू की कार्यशैली से आहत गीता कश्यप ने सोमवार को सीतापुर रोड स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया। पति गणेश कश्यप का कहना है कि ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया है।