कौथिग में प्रस्तुति देते कलाकार।
लखनऊ। खिली धूप के बीच रविवार को उत्तरायणी कौथिग की रंगत और भी निखर गई। छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे, जिससे स्टॉल संचालकों के चेहरे खिल गए। इस दौरान सांस्कृतिक आयोजनों में पर्वतीय लोक संस्कृति से सजे गीत-संगीत ने खूब रंग जमाया।
पहले सत्र का उद्घाटन सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने किया। उन्होंने पर्वतीय समाज के भव्य आयोजन की प्रशंसा की। कहा कि संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे बचाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। इस दौरान विधायक रमाकांत त्रिपाठी, मुख्य संयोजक टीएस मनराल, अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी व नरेंद्र सिंह देवड़ी आदि मौजूद रहे। छठवें दिन के आयोजन में सात झोड़ा दलों की प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया।
शाम के सत्र का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारियों ने उन्हें पहाड़ी टोपी पहनाकर स्वागत किया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ में पर्वतीय समाज का योगदान बहुत अहम है। ऐसे ही आयोजनों के जरिये पर्वतीय समाज ने अपनी संस्कृति को न सिर्फ संरक्षित किया है, बल्कि अगली पीढ़ी में भी संस्कृति के प्रति समर्पण को बढ़ावा दे रहे हैं।
सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड के लोकगायक राकेश कनवाल की प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे। क्रीम पौडरा घिसनी किलै ने..., हिमुली हलदारें की चेली... पहाड़ों की लाली... जैसे गीत सुनाकर तालियां बटोरीं। नीरज चुफाल ने अपने हिट गीत अल्मोड़ा अंग्रेज आयो टैक्सी मा... और जय हो कुमाऊं जय हो गढ़वाला... तो चंद्रप्रकाश ने मैं जानू कमला काली गंगा पार... सुनाकर वाहवाही लूटी।
स्वर्गीय प्रह्लाद मेहरा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक स्वर्गीय प्रह्लाद मेहरा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उत्तरायणी कौथिग में इस वर्ष का गोविंद सिंह नयाल सामाजिक सेवा सम्मान विशन दत्त जोशी को व युवा सम्मान भुवन पांडेय को दिया गया। रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान मंजू शर्मा पडेलिया को दिया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रशांत भंडारी को सम्मानित किया गया।